Aug 23, 2012

Shair - Bedard Sanam

ऐ सनम इतना तू मुझको यारा दे दे
फिर चाहे गम बहुत सारा दे दे

बदनुमा चोटों से कुछ दोस्ताना है मेरा
देना है तो ज़ख्म एक प्यारा दे दे

सुनते है चाँद खुद घर रौशन तेरा करता है
उस से कहके मुझे छोटा एक सितारा दे दे

गुलों से आबाद मेरी ज़िन्दगी करने का वादा जो तेरा
देना है तो पूरा चमन दे दे , या तो सेहरा दे दे

बिछड़ा जो तुझसे से तो डूब जाऊं, उभर न पाऊँ
जाते जाते एक ज़ख्म इतना गहरा दे दे

यारा - Strength
बदनुमा - Ugly looking
गुल - Flowers
चमन - Garden
सेहरा - Desert

Aug 22, 2012

Tu meri rooh - Shair

कितनी मसाई करके तुम्हे पाया है ,
तू मेरी रूह है , तू ही तो मेरा साया है !

की इक झलक मिली तेरी, की कुछ और हुआ?
समझ नहीं की चेहरा तेरा या चाँद नज़र आया है

फिर छिड़ा ज़िक्र खूबसूरती का और फिर तेरा
छूप गया चाँद की इतना वो शरमाया है

है उस ज़िक्र के हर हर्फ़ पैर असर तेरा
मिलके हसीं ग़ज़ल का मतला बन आया है

अब इतना भी न शर्मा की हम समझ जाए
खुदा ने तुझको किसके लिए बनाया है

मसाई - Effort
रूह - Soul
ज़िक्र - Discussion
मतला - First stanza of the ghazal/ poem

अपने जैसा मुझको भी पत्थर का इक दिल दे दे ,
राह चलूँ न , पहुँच भी जाऊं ऐसी मंजिल दे दे

घूमता फिरूं हवाओं में, वादियों में टहलू
पास समंदर के रहूँ ऐसा एक साहिल दे दे